मध्य प्रदेश सरकार ने सहकारी ऋण खातों में अनियमितताओं के कारण डिफॉल्टर घोषित हुए किसानों को बड़ी राहत देने के लिए ‘कवच योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना का लाभ राज्य के 5,000 से अधिक किसानों को मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य ऐसे किसानों को दोबारा संस्थागत बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है ताकि वे कृषि ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ फिर से प्राप्त कर सकें।
क्या है ‘कवच योजना’?
‘कवच योजना’ उन किसानों के लिए लाई गई है जो सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों में हुई वित्तीय अनियमितताओं के कारण डिफॉल्टर की श्रेणी में आ गए थे। कई मामलों में किसानों ने ऋण की राशि जमा कर दी थी, लेकिन रिकॉर्ड में गड़बड़ी के कारण उनका खाता बकायेदार दिखाया गया। ऐसे किसानों को नए ऋण और सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा था। अब सरकार इस समस्या का समाधान करने के लिए विशेष राहत योजना लागू कर रही है।
किन किसानों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जो सहकारी ऋण खातों में अनियमितताओं के कारण प्रभावित हुए हैं और जिनके मामले जांच या रिकॉर्ड संबंधी समस्याओं से जुड़े हैं।
- सहकारी समितियों की गड़बड़ी से प्रभावित किसान।
- रिकॉर्ड में त्रुटि के कारण डिफॉल्टर घोषित किसान।
- नए फसल ऋण से वंचित पात्र किसान।
- जांच के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे किसान।
सरकार ने क्या फैसला लिया?
राज्य मंत्रिमंडल ने योजना के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था को मंजूरी दी है। इसमें अपैक्स बैंक और जिला सहकारी बैंकों द्वारा राहत कोष बनाया जाएगा, जबकि राज्य सरकार भी वित्तीय सहायता देगी। इसका उद्देश्य प्रभावित किसानों को राहत देकर उन्हें दोबारा बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना है।
किसानों को क्या फायदा होगा?
योजना लागू होने के बाद पात्र किसानों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वे फिर से सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लेने के योग्य बन सकेंगे।
- फसल ऋण लेने का रास्ता दोबारा खुलेगा।
- सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
- डिफॉल्टर की स्थिति से राहत मिलने की संभावना बढ़ेगी।
- खेती के लिए खाद, बीज और अन्य सुविधाएं प्राप्त करना आसान होगा।
आगे किसानों को क्या करना चाहिए?
जिन किसानों के सहकारी ऋण खातों में पहले से विवाद या अनियमितता दर्ज है, उन्हें अपने संबंधित सहकारी बैंक या समिति से संपर्क कर अपनी स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। योजना के तहत पात्रता और लाभ देने की प्रक्रिया संबंधित विभाग द्वारा तय नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी। सरकार की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद पात्र किसानों को आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
‘कवच योजना’ मध्य प्रदेश के उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत लेकर आई है जो सहकारी समितियों की गड़बड़ियों के कारण बिना गलती के डिफॉल्टर घोषित हो गए थे। सरकार का दावा है कि इस योजना से 5,000 से अधिक प्रभावित किसानों को राहत मिलेगी और वे फिर से बैंक ऋण एवं सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। हालांकि योजना का लाभ केवल पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार ही दिया जाएगा।




