उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार सरकार ने चीनी मिलों को अपेक्षाकृत जल्दी चलाने की तैयारी की है, लेकिन हर जिले और हर मिल की शुरुआत एक ही तारीख को नहीं होगी।
केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 से गन्ने की पेराई शुरू करने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में भी कई मिलें अक्टूबर के मध्य से शुरू करने की तैयारी में हैं, जबकि कुछ मिलों के लिए नवंबर की तारीख सामने आई है।
यूपी में 2026-27 का गन्ना पेराई सत्र कब शुरू होगा?
गन्ना पेराई सत्र 2026-27 आधिकारिक रूप से 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होने वाले चीनी उत्पादन सीजन का हिस्सा है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि उत्तर प्रदेश की सभी चीनी मिलें 1 अक्टूबर को ही गन्ने की पेराई शुरू कर देंगी।
केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर 2026 से पेराई शुरू करने की सलाह दी है। इसके बाद अलग-अलग जिलों में मिलों की मशीनरी, गन्ने की उपलब्धता, क्रय केंद्रों और स्थानीय तैयारियों के हिसाब से तारीख तय हो रही है।
इसलिए किसानों को अपने क्षेत्र की चीनी मिल की अलग तारीख देखनी जरूरी है।
अभी किन मिलों की शुरुआत की जानकारी सामने आई है?
25 सितंबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी यूपी चीनी मिलों की अंतिम मिलवार शुरुआत तारीख एक साथ जारी नहीं हुई है। कुछ क्षेत्रों में मिल प्रबंधन ने अपनी प्रस्तावित तारीखें बताई हैं।
| क्षेत्र या चीनी मिल | 2026-27 में प्रस्तावित शुरुआत | स्थिति |
|---|---|---|
| बिजनौर की चीनी मिलें | 15 अक्टूबर के आसपास | तैयारी चल रही है |
| मुजफ्फरनगर की चीनी मिलें | 15 अक्टूबर के बाद | तैयारियां अंतिम चरण में |
| बुलंदशहर की चीनी मिलें | नवंबर के पहले सप्ताह | मरम्मत कार्य जारी |
| बेलरायां चीनी मिल, लखीमपुर खीरी | 15 नवंबर 2026 | प्रस्तावित कार्यक्रम |
| अयोध्या क्षेत्र की रौजागांव मिल | लगभग 11 नवंबर | संभावित तारीख बताई गई है |
इन तारीखों को अंतिम राज्यव्यापी मिलवार आदेश समझना सही नहीं होगा। स्थानीय प्रशासन या मिल प्रबंधन की अंतिम सूचना के अनुसार तारीख में बदलाव हो सकता है।
बिजनौर में 15 अक्टूबर से मिलें चलाने की तैयारी
बिजनौर जिले में चीनी मिलों को इस बार जल्दी चलाने की तैयारी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले की मिलों में 15 अक्टूबर के आसपास पेराई शुरू कराने की योजना है।
मिल शुरू होने से पहले किसानों के गन्ना सट्टे और आपूर्ति कैलेंडर से जुड़े काम पूरे किए जा रहे हैं। किसानों को अपने रकबे, बेसिक कोटे और दूसरी जानकारी में गलती होने पर उसे ठीक कराने का मौका भी दिया गया है।
मिल चलने से करीब एक सप्ताह पहले किसानों का पक्का गन्ना आपूर्ति कैलेंडर जारी किए जाने की योजना बताई गई है।
मुजफ्फरनगर में 15 अक्टूबर के बाद पेराई शुरू होने की उम्मीद
मुजफ्फरनगर जिले में भी चीनी मिलों की तैयारियां तेज हैं। जिले की आठ मिलों में मरम्मत और तकनीकी काम पूरे किए जा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जरूरी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद 15 अक्टूबर के बाद नए पेराई सत्र की शुरुआत करने की योजना है।
किसानों के लिए गन्ना इंडेंट और बेसिक कोटे से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। इसका उद्देश्य पेराई शुरू होने से पहले किसान के रिकॉर्ड को सही करना है।
बुलंदशहर में नवंबर के पहले सप्ताह में मिलें चलने की तैयारी
बुलंदशहर में स्थिति थोड़ी अलग है। जिले की चारों चीनी मिलों में मरम्मत का काम चल रहा है और वहां नवंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू करने की तैयारी बताई गई है।
रिपोर्ट के अनुसार सितंबर के मध्य तक करीब 70 प्रतिशत मरम्मत कार्य पूरा हो चुका था। बाकी काम अक्टूबर के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गन्ना क्रय केंद्रों के आवंटन की प्रक्रिया भी चल रही है। केंद्रों की अंतिम सूची आने के बाद मिलवार गन्ना आपूर्ति की व्यवस्था और स्पष्ट होगी।
बेलरायां चीनी मिल 15 नवंबर से चलाने की योजना
लखीमपुर खीरी की सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां के लिए 15 नवंबर 2026 से पेराई शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है।
मिल के लिए 15 नवंबर 2026 से 8 अप्रैल 2027 तक करीब 144 दिन का पेराई कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। इस दौरान 70 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य रखा गया है।
मिल की मशीनरी और दूसरे तकनीकी कामों को पेराई शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ट्रायल चलाकर मशीनों की जांच करने की योजना है।
अयोध्या क्षेत्र में किसानों को कैलेंडर ऑनलाइन देखने की सुविधा
अयोध्या क्षेत्र में किसानों के लिए पेराई शुरू होने से पहले गन्ना आपूर्ति कैलेंडर की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।
रौजागांव चीनी मिल के लिए लगभग 11 नवंबर के आसपास पेराई शुरू होने की संभावना बताई गई है। किसानों को पर्ची और आपूर्ति की जानकारी गन्ना विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था और ई-गन्ना ऐप के माध्यम से देखने की सुविधा मिल सकती है।
किसानों के लिए यह जरूरी है कि वे पेराई से पहले अपने रकबे, उत्पादन और पर्ची से जुड़ी जानकारी जांच लें। अगर रिकॉर्ड में गलती है तो उसे तय समय के भीतर ठीक कराना बेहतर रहेगा।
2026-27 में गन्ने का FRP कितना है?
2026-27 चीनी उत्पादन सीजन के लिए केंद्र सरकार ने गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य यानी FRP 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यह दर 10.25 प्रतिशत की बेस रिकवरी पर लागू है।
सरकार ने 9.5 प्रतिशत से कम रिकवरी वाली मिलों के लिए भी किसानों के हित में अलग व्यवस्था रखी है। ऐसी स्थिति में गन्ने के लिए 338.30 रुपये प्रति क्विंटल की दर बताई गई है।
| जानकारी | 2026-27 |
|---|---|
| चीनी उत्पादन सीजन | 2026-27 |
| सीजन की शुरुआत | 1 अक्टूबर 2026 |
| केंद्र की पेराई शुरू करने की सलाह | 15 अक्टूबर 2026 |
| FRP | 365 रुपये प्रति क्विंटल |
| बेस रिकवरी | 10.25 प्रतिशत |
| 9.5 प्रतिशत से कम रिकवरी की स्थिति में दर | 338.30 रुपये प्रति क्विंटल |
किसान अपनी पर्ची और कैलेंडर कैसे देखें?
उत्तर प्रदेश गन्ना विभाग के आधिकारिक Cane UP पोर्टल पर किसान अपने गन्ने से जुड़ी कई जानकारी देख सकते हैं। पोर्टल पर 2026-27 के सर्वे डेटा, प्री-कैलेंडर, गन्ना कैलेंडर और सप्लाई टिकट जैसी सुविधाएं दिखाई जा रही हैं।
किसानों को खास तौर पर इन जानकारियों पर नजर रखनी चाहिए:
- अपने गन्ने का दर्ज क्षेत्रफल और रिकॉर्ड
- बेसिक कोटा और गन्ना आपूर्ति कैलेंडर
- पर्ची और सप्लाई टिकट की जानकारी
- बैंक खाते और मोबाइल नंबर से जुड़ी जानकारी
आधिकारिक जानकारी देखने के लिए किसान Cane UP Enquiry Portal का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सभी चीनी मिलों की तारीख अभी एक जैसी नहीं है
सबसे जरूरी बात यह है कि उत्तर प्रदेश की सभी चीनी मिलों के लिए एक ही शुरुआती तारीख मान लेना सही नहीं होगा। सरकार ने 15 अक्टूबर से पेराई शुरू करने की सलाह दी है, लेकिन जिले और मिल के हिसाब से वास्तविक शुरुआत अक्टूबर के मध्य से नवंबर तक हो सकती है।
मिल की मशीनरी तैयार होने, गन्ने की उपलब्धता, क्रय केंद्रों की व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन की मंजूरी जैसे कारणों से तारीख अलग हो सकती है।
इसलिए किसान अपने क्षेत्र की मिल का अंतिम पेराई कार्यक्रम और अपना गन्ना आपूर्ति कैलेंडर जरूर देखें।
किसानों के लिए सबसे जरूरी बात
2026-27 का गन्ना सत्र अब करीब है और यूपी की चीनी मिलों में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बिजनौर और मुजफ्फरनगर जैसे पश्चिमी यूपी के कुछ क्षेत्रों में अक्टूबर के मध्य से पेराई शुरू करने की तैयारी है, जबकि बुलंदशहर में नवंबर के पहले सप्ताह और बेलरायां में 15 नवंबर की प्रस्तावित तारीख सामने आई है।
हालांकि ये सभी तारीखें एक जैसी अंतिम राज्यव्यापी सूची नहीं हैं। मिलवार अंतिम तारीख स्थानीय स्तर पर बदल सकती है। इसलिए किसान केवल सोशल मीडिया या अनौपचारिक जानकारी पर निर्भर न रहें और अपने Cane UP रिकॉर्ड, पर्ची और गन्ना आपूर्ति कैलेंडर की जांच करते रहें।
2026-27 सत्र में गन्ने का FRP 365 रुपये प्रति क्विंटल तय होने के साथ अब किसानों की नजर पेराई शुरू होने की तारीख और नियमित गन्ना आपूर्ति पर है। आने वाले दिनों में बाकी चीनी मिलों की तारीखें भी स्पष्ट होने की उम्मीद है।