धान की फसल में यदि खरपतवार 2 से 3 फुट तक बड़े हो चुके हैं, तो केवल एक बार दवा का छिड़काव करके सभी खरपतवार पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद करना सही नहीं है। इस अवस्था में खरपतवार काफी मजबूत हो जाते हैं और कई खरपतवारनाशी उन पर पूरा असर नहीं कर पाते। इसलिए पहले यह पहचानना जरूरी है कि खेत में किस प्रकार की घास या खरपतवार मौजूद है।
2 से 3 फुट की घास पर क्या करें?
धान के खेत में खरपतवार की दवा के साथ थोड़ा-सा शैंपू मिलाने से दवा पत्तियों पर अच्छे से चिपक जाती है। इससे अगर बाद में हल्की बारिश भी हो जाए, तो दवा जल्दी नहीं बहती और खरपतवार पर उसका असर बना रह सकता है। कई किसान यह तरीका लंबे समय से अपनाते आ रहे हैं। 25 ltr मे 2 पाउच, मतलभ 25 लीटर पानी मे 2rs का ख़र्चा है।
यदि खरपतवार बहुत बड़े हो चुके हैं, तो सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले बड़े खरपतवारों को हाथ से या यांत्रिक तरीके से निकालें। इसके बाद जो छोटे खरपतवार दोबारा निकलें, उन पर फसल की अवस्था और खरपतवार के प्रकार के अनुसार अनुशंसित खरपतवारनाशी का प्रयोग करें। इससे बेहतर परिणाम मिलते हैं।
एक ही दवा से सभी खरपतवार खत्म क्यों नहीं होते?
धान के खेत में आमतौर पर तीन तरह के खरपतवार पाए जाते हैं।
| खरपतवार का प्रकार | उदाहरण |
|---|---|
| घास वर्ग | Echinochloa, Leptochloa |
| मोथा वर्ग | Cyperus |
| चौड़ी पत्ती वाले | Monochoria, Ludwigia, Eclipta |
हर समूह पर अलग-अलग सक्रिय तत्व (Active Ingredient) वाली दवाएं अधिक प्रभावी होती हैं। इसलिए “एक दवा सभी खरपतवार के लिए” हर खेत में सही नहीं होती।
यदि खेत में 2–3 फुट की घास है तो इन बातों का ध्यान रखें
- पहले यह देखें कि धान की फसल कितनी पुरानी है।
- खेत में किस प्रकार के खरपतवार हैं, इसकी पहचान करें।
- बहुत बड़े खरपतवारों को पहले निकालना अधिक प्रभावी रहता है।
- दवा हमेशा लेबल पर लिखी अनुशंसित मात्रा और फसल की अवस्था के अनुसार ही प्रयोग करें।
किस स्थिति में दवा का असर कम हो जाता है?
खरपतवारनाशी सबसे अच्छा असर तब करते हैं जब खरपतवार छोटे और सक्रिय बढ़वार की अवस्था में हों। यदि घास 2 से 3 फुट ऊंची हो गई है, तो उसका मोमदार पत्ता और मजबूत तना दवा के असर को कम कर सकता है। ऐसे में केवल स्प्रे करने से संतोषजनक परिणाम नहीं मिलते।
सही सलाह लेने के लिए ये जानकारी जरूरी है
उपयुक्त दवा बताने के लिए ये जानकारी आवश्यक होती है।
- धान की फसल कितने दिन की है? (20, 30, 45 या 60 दिन)
- रोपाई वाला धान है या सीधी बुवाई (DSR)?
- खेत में घास, मोथा या चौड़ी पत्ती वाला कौन-सा खरपतवार ज्यादा है?
यदि धान में खरपतवार 2 से 3 फुट तक बढ़ चुके हैं, तो पहले उनका यांत्रिक या हाथ से नियंत्रण करना अधिक प्रभावी रहता है। इसके बाद फसल और खरपतवार की स्थिति के अनुसार सही खरपतवारनाशी का प्रयोग करना चाहिए। बिना खरपतवार की पहचान किए किसी एक दवा का उपयोग करने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सकते और फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है।




